खुद मिलने आए थे दुनिया से मिल कर चल दिए.

देखिए यारों की यारी और दुनिया की दुनियादारी यहां सब अपना अपना देख लेते हैं.

वापस ले आया डाकिया चिट्ठी मेरी बोला पता तो सही था मगर लोग अब बदल गए हैं.

किस्सा जिंदगी का बस इतना ही है जनाब, जिंदगी बनाने के चक्कर में जिंदगी जीना ही भूल गए.

औकात से बड़े दिखावे इंसान को कर्ज में डूबा देते हैं।.

औकात से बड़े दिखावे इंसान को कर्ज में डूबा देते हैं।.