जीवन की लंबाई नहीं गहराई मायने रखती है।

हमारे अकेले रहने की एक वजह यह भी होती है कि हम झूठे लोगों से रिश्ता तोड़ने में जरा भी नहीं डरते हैं.

बिना करें भी तो पछताना है इससे अच्छा है कुछ करके पछताएं.

एक बूंद सा जीवन है इंसान का लेकिन अहंकार सागर से भी बड़ा है.

किस मुंह से जाओगे परमात्मा के सामने वही है जो तुम्हारे सारे राज जानता है.